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मुकदमा दर्ज होने के बाद यौन पीड़ितों को थाने में बुलाने की जरूरत नहीं

कोच्चि प्रेट्र

केरल हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जांच के दौरान यौन पीड़ितों को और अधिक उत्पीड़न और उपहास का पात्र बनने से बचाया जाए, क्योंकि इस मामले में पीड़िता काफी हिम्मत दिखाकर शिकायत दर्ज कराती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद उन्हें थाने बुलाने की कोई जरूरत नहीं हैं। हाई कोर्ट ने सभी वकीलों से सलाह भी मांगी कि जांच प्रक्रिया के दौरान इनकी सुरक्षा किस प्रकार सुनिश्चित की जा सकती है।

जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा कि हालांकि यौन पीड़ितों की सहायता और सुरक्षा के लिए प्रोटोकाल तो हैं, लेकिन कई बार इसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित नहीं किया जाता। कोर्ट ने कहा कि यौन पीड़िता काफी हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज करवाती है,

लेकिन मामले की जांच के दौरान कई बार उन्हें उपहास का पात्र बनना पड़ता है, जिससे उनका और अधिक उत्पीड़न होता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हमें इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि यौन पीड़िता की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि कानून की पूरी ताकत उनके साथ है।

कोर्ट ने एक पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को कहा कि जब महिला ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवा दी और मुकदमा दर्ज कर लिया गया तो फिर उसे वापस पुलिस थाने जाने की कोई जरूरत नहीं है। पीड़िता ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि न केवल आरोपितों, बल्कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने भी उसका उत्पीड़न किया।

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Author: publicnewslive

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