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महिला पार्टनर के साथ मिलकर लड़की के साथ किया गंदा काम प्रेग्नेंट होने के बाद खुला राज वैशाली कोर्ट अब देगी सजा

हाजीपुर(वैशाली)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम सह पाक्सो के विशेष न्यायाधीश आशुतोष कुमार झा ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कर गर्भवती बना दिए जाने के मामले में एक महिला समेत दो लोगों को दोषी करार दिया है।

मालूम हो कि घटना के बाद पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया था और डीएनए टेस्ट में आरोपित संजीत पासवान के बच्ची के जैविक पिता होने की पुष्टि हुई थी।

महिला पार्टनर की मदद से किया गंदा काम

इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया की पातेपुर थाना क्षेत्र की एक 16 वर्षीया बच्ची अपने पड़ोस की सहेली के साथ स्कूल पढ़ने आया-जाया करती थी। उसकी सहेली की मां संगीता देवी और मौदह बुजुर्ग गांव के संजीत पासवान साथ मिलकर ब्याज पर रुपया लगाने का काम करता था। उसी के इशारे पर संगीता देवी ने अपनी पुत्री की सहेली को अपने घर पर बुलाकर संजीत पासवान के साथ एक कमरे में बंद कर दिया। जहां संजीत कुमार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां पूर्व में ही मर चुकी थी तथा पिता मानसिक रूप से विक्ष्रिप्त था। इसी का लाभ उठाकर संजीत उसके साथ पांच से छह महीने तक दुष्कर्म करता रहा। इसी बीच पीड़िता का हाथ-पांव फुल गया। इसे देखकर उसका पालन पोषण कर रही उसकी चाची ने पूछताछ शुरु की तब उसने आपबीती बताई। उसकी चाची जब संजीत पासवान से इस संबंध में पूछताछ करने के लिए उसके घर पर गई तब संजीत ने उसके साथ मारपीट किया तथा अपने घर से भगा दिया।

इसके बाद हाजीपुर महिला थाने में संजीत पासवान, संगीता देवी तथा अपनी सहेली के विरुद्ध पीड़िता ने 15 अक्टूबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले में संजीव पासवान तथा संगीता देवी के विरुद्ध 13 दिसंबर 2020 को न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित किया गया। न्यायालय ने इन दोनों के विरुद्ध 16 दिसंबर 2020 को संज्ञान लिया तथा 23 जनवरी 2021 को आरोप गठन किया गया। इसी बीच पीडि़ता ने एक बच्ची को जन्म दिया। विशेष लोक अभियोजक की ओर से किए गए पहल के बाद पीडि़ता, नवजात शिशु तथा आरोपी संजीत पासवान का डीएनए टेस्ट कराया गया। डीएनए टेस्ट में आरोपी संजीत पासवान को बच्ची का जैविक पिता होने का स्पष्ट प्रतिवेदन दिया गया। मामले में विशेष लोक अभियोजक के अभियोजन पक्ष के नौ, बचाव पक्ष के एक तथा 16 प्रदर्श प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायाधीश ने संजीत पासवान तथा संगीता देवी को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तिथि मुकर्रर की गई है। मामले में एक्सेस टू जस्टिस फार चिल्ड्रेन के निदेशक सुधीर कुमार शुक्ला एवं उनकी टीम ने पीड़िता को न्याय दिलाने में सहयोग किया।

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Author: publicnewslive

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