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पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक की जांच करेगी केंद्र

गृह मंत्रालय ने बनाई सुरक्षा सचिव की अध्यक्षता में समिति

नई दिल्ली :

केंद्र सरकार पंजाब में प्रधानमंत्री के काफिले से साथ हुई सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के मूड में है। इसकी जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसकी अध्यक्षता सचिव (सुरक्षा) सुधीर सक्सेना करेंगे, जबकि खुफिया ब्यूरो (आइबी) के संयुक्त निदेशक बलबीर सिंह और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के आइजी एस. सुरेश इसके सदस्य होंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों ने सुरक्षा चूक की घटना की निंदा करते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत बताई।

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के बाद गुरुवार को हुई कैबिनेट की पहली बैठक में सभी मंत्रियों ने इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई। कुछ मंत्रियों का कहना था कि इस मामले में की जाने वाली कार्रवाई एक नजीर बननी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश नहीं कर सके। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर का कहना था कि इस मामले में जल्द ही कड़े और बड़े फैसले लिए जाएंगे। गृह मंत्रालय पहले ही पूरे मामले में पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांग चुका है। पूरी जानकारी जुटाने के बाद तथ्यों के आधार पर गृह मंत्रालय उचित कार्रवाई करेगा, लेकिन उन्होंने कड़े और बड़े कदमों के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।

अनुराग ठाकुर के अनुसार, प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर देशभर में लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इनमें से कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। उन्होंने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि ऐसे मामले में निश्चित रूप से जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के साथ भी मुलाकात की और उन्हें सुरक्षा में चूक की पूरी घटना के बारे में बताया बाद में प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर राष्ट्रपति को अपनी शक्ति को स्त्रोत्र बताते हुए उनकी शुभकामना और चिंता के लिए आभार व्यक्त किया उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रधानमंत्री को फोन किया और घटना के बारे में जानकारी दें

गंभीर मामला

• आइबी के संयुक्त निदेशक व एसपीजी के आइजी होंगे जांच समिति के सदस्य

• कैबिनेट ने जताई इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मिलकर दी पूरी जानकारी

चन्नी सरकार ने भी बनाई जांच के लिए दो सदस्यीय समिति

चंडीगढ़:

प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के दौरान सुरक्षा में चूक की जांच के लिए पंजाब सरकार ने दो सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश मेहताब सिंह गिल और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अनुराग वर्मा की सदस्यता वाली इस समिति को तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा. गया है। समिति गठित होते ही जस्टिस गिल ने पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय समेत सुरक्षा से जुड़े सभी पुलिस अफसरों को सवाल भेज दिए। लेकिन मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर उन्होंने ज्यादा कुछ बताने से मना कर दिया।

सुरक्षा में लापरवाही पर हाई कोर्ट भी दिखा चिंतित

प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई लापरवाही को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट भी चिंतित दिखा । गुरुवार को डेरा मुखी गुरमीत के मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद सांगवान की पीठ ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान जो हुआ वह सरकार संभाल नहीं पाई तो डेरा प्रमुख को अगर अदालत में पेश किया गया तो हालात कैसे संभाले जा सकते हैं? पंजाब सरकार ने बेअदबी मामले में डेरा प्रमुख को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के आदेश पर लगी रोक को हटाने के लिए कोर्ट से अनुरोध किया था। जस्टिस सांगवान ने कहा, क्या यह (डेरा मुखी) वीआइपी है और प्रधानमंत्री से ऊपर है? पीठ ने डेरा मुखी की सुरक्षा व हालात पर चिंता जताते हुए प्रोडक्शन वारंट के आदेश पर लगी रोक को 21 अप्रैल तक बढ़ा दिया।

संभावना है कि अब इस मामले की सुनवाई पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद ही हो एसआईटी अब डेरा प्रमुख से सुनारिया जेल में ही पूछताछ कर सकती है

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Author: publicnewslive

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