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उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में बारिश का अलर्ट:लखनऊ-कानपुर में रात से बरस रहा पानी; कानपुर में सबसे ज्यादा 80MM बारिश

उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में बारिश का अलर्ट:लखनऊ-कानपुर में रात से बरस रहा पानी; कानपुर में सबसे ज्यादा 80MM बारिश

उत्तर प्रदेश में मानसून की जोरदार वापसी हो गई है। गुरुवार देर रात से बारिश का सिलसिला शुक्रवार सुबह भी जारी है। लखनऊ, कानपुर, नोएडा समेत कई जिलों में रात से ही बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज यानी गुरुवार को प्रदेश के 42 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात और अरब खाड़ी की तरफ से चल रही सर्द हवाओं की वजह से मानसून एक्टिव हुआ है। यही कारण है कि आखिरी पड़ाव में जमकर बारिश हो रही है। 18 सितंबर तक यूपी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को कानपुर में सबसे अधिक 80 मिमी. बारिश एक दिन में इस सीजन में दर्ज की गई है।

अगर बीते, 24 घंटे की बात करें तो 10.6 मिलीमीटर औसत बारिश पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड की गई है। यह औसत अनुमान से 65% ज्यादा है। लगातार हो रही बारिश के चलते बुधवार को कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में वर्ल्ड रोड सेफ्टी सीरीज का मैच तक रद्द करना पड़ा।

UP ईस्ट में सबसे ज्यादा हुई बारिश
मौसम विभाग ने मऊ, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, गोंडा, आयोध्या, प्रतापगढ़, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, कौशांबी, चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर, झांसी, जालौन, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, मेरठ, नोएडा, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, सोनभद्र, आगरा, जालौन, गाजियाबाद, पीलीभीत, फैजाबाद में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। बिजली की गरज चमक भी होने की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाएं
CSA यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया,”क्लाइमेट चेंज की वजह से यूपी में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हुआ है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली लो प्रेशर की नम हवाएं यूपी और एमपी के ऊपर आते ही सर्कुलेशन बन गया। इसकी वजह से नम हवाएं यूपी आ रही हैं और बारिश कर रही हैं।”

इस वजह से नहीं हो रही थी बारिश
मौसम विज्ञानी डा. पांडेय के मुताबिक,” उत्तर पश्चिम यानी एमपी की तरफ से गर्म हवाएं आना शुरू हो गई थीं। इन हवाओं के आने से ये माना जाता है कि मानसून की रवानगी हो गई है। लेकिन अरब सागर से आ रही नम हवाओं ने बारिश का दौर फिर से शुरू कर दिया। अभी और मौसमी सिस्टम बंगाल की खाड़ी में डेवलप हो रहे हैं, हो सकता है पूरे सितंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहे।”

18 सितंबर तक बारिश की आसार
मौसम विभाग लखनऊ के हेड जेपी गुप्ता के मुताबिक,”18 सितंबर तक बारिश की संभावना बनी हुई है। लेकिन सितंबर में आगे भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। 1 हफ्ते पहले से बादलों ने एमपी से यूपी का रुख कर लिया था। वहीं, यूपी में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री तक आ गया है। इससे हवा में ठंडक बनी हुई है।”

खेती में होगा फायदा या नुकसान
कृषि विभाग के विशेषज्ञ अमित शुक्ला बताते हैं कि इस साल मानसून शुरू में 20 दिन करीब देर से आया। जिसकी वजह से बोवाई देर से हुई और मानसून की देरी की वजह से किसानों ने सिंचाई तक कर ली। मानसून के आखिरी पड़ाव पर हो रही बारिश से धान की फसल को तो फायदा होगा लेकिन अन्य जो फसलें हैं उनको नुकसान हो सकता है। जिस तरीके से अभी तक मानसून में इस साल 44% कम बारिश हुई। उसकी भरपाई मानसून के आखिरी 3 से 4 दिनों में नहीं हो पाएगी। खेती में समय-समय पर बारिश की आवश्यकता ज्यादा होती है। अंतिम समय में ज्यादा बारिश होने से धान की जो पैदावार है, उस पर नुकसान हो सकता है।

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Author: publicnewslive

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